भारतीय युवा आजकल क्या कर रहे हैं?


भारतीय युवा आजकल क्या कर रहे हैं?



"क्या कर रहे हो ?"
"तैयारी कर रहा हूँ।"
किस चीज की ?
"यही बैंकिंग, एसएससी बगैरह की"
बैंकिंग की या एसएससी की ?
जिसका भी पेपर रहता है उसी के लिए तयारी करने लगते हैं।
क्या सबका सिलेबस एक ही है ?
नहीं, थोड़ा अलग अलग है।
तो भैया एक चीज पढ़ के, जब दूसरी नौकरी की तयारी के दौरान कुछ दिन न पढ़ो तो भूलते नहीं हो ?
हां भूलते तो हैं। पर फिर से पढ़ लेते हैं।
"अच्छा कितने दिन से कर रहे हो ?"
पहले एक साल दिल्ली में कोचिंग की, फिर एक साल खुद से की। अभी दो तीन साल से फिर घर पे रहकर ही कर रहे हैं।
"तो सिलेक्शन क्यों नहीं हो रहा ?"
अरे क्या बताएं हर बार दो चार नंबर से रह जा रहा।
"कब तक तयारी करने का विचार है?"
देखो, सरकारी नौकरी लग जाये।
सरकारी ही क्यों ?
"एक सेफ्टी है सरकारी में। माने, बस एक बार लग गयी फिर जिंदगी तो आराम से गुजरेगी कम से कम"
और प्राइवेट में ?
अरे प्राइवेट में दस तरह के टेंशन हैं। और फिर प्राइवेट वाले जितना पैसा देंगे उससे ज्यादा का ही काम करवाएंगे न।

देश में तीस करोड़ से ज्यादा युवा है जो की कम से कम चार से पांच साल नौकरी की तैयारी करते हैं। और हर साल भर्ती सिर्फ कुछ हज़ारों में होती है। बाकी बचे हुए लड़के उम्र की दहलीज तक एक उम्मीद में तैयारी करते रहते हैं।
अब सोचिये यही लोग अगर पांच साल भी कोई प्राइवेट नौकरी करने लगते तो भारत को कितने हज़ारों करोड़ मजदूर-घंटे का फायदा होता। इससे कितनी जीडीपी आगे बढ़ती।
कहते भारत को सबसे बड़ा फायदा यह ही की इनके पास युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है।
लेकिन यह युवा देश के किस काम में आ रहा है।
३० साल की उम्र तक तैयारी करने के बाद, इस युवा को पिताजी की रकम पर जीने की आदत पड़ जाती है। जीवन से तंग आ चूका यह युवा कुछ करने के लायक नहीं रहता।
जीवन के जो साल अभूतपूर्व ऊर्जा के थे उन्हें तो दिल्ली की किसी तंग गली के अँधेरे कमरे में गुजार दिया। इस उम्मीद में एक एक आराम की नौकरी मिलेगी, नौकर चाकर होंगे।

मुझे लगता है सरकार को तुरंत इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। जैसे JEE और नीट में पहले छात्र पांच छह साल तयारी करके समय व्यर्थ करते थे। फिर सर्कार ने इसको रोकने के लिए दो अटेम्प फिक्स कर दिए। आज जरूरत है की सभी सरकारी नौकरियों में ज्यादा से ज्यादा तीन अटेम्प दिए जाएं। एक ग्रेजुएशन के आखिरी साल में और दो उसके अगले सालों में।
अगर हो सिलेक्शन तो ठीक, नहीं तो आप प्राइवेट सेक्टर में घुसिए। तीन से पांच साल के अनुभव के बाद दोबारा, अनुभव वाली सरकारी पोस्टों के लिए अप्लाई कीजिये।
इसके लिए सर्कार को ज्यादा पोस्ट अनुभव वाले लोगों के लिए निकालनी होंगी। ताकि लोगों को तात्कालिक रूप से प्राइवेट सेक्टर ज्वाइन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

तो आखिरी में उत्तर देने के लिए:
भारतीय युवा आजकल क्या कर रहे हैं?
"तैयारी कर रहे हैं।"

।।शुभं भूयात।।

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